चांद रुसवा आज भी है

रात है अंधेरी
चांद रुसवा आज भी है
बस एक झलक दे हसी कि
 मालूम है तू नाराज आज भी है.

मै उस  साये के साथ
खडा हू आज भी
मै उस खयालात मै
जागता हू आज  भी

'तेरी व हसी कि आदत
आज भी है
लहरातें जुल्फो कि   
यादे आज भी है
चंद वक्त काटे तेरे साथ
उस खयालात का जिक्र
करके कहता  हू
तू मेरे दिल मै
आज भी है.

मालूम है ये नजाकत ये शौकिया
रुठ गयी है हमसे
मगर इस दिल मी उनके लिये
प्यार आज भी है .

कभी खयाल आये 
तो मुड के जरूर देखणा
तुम छोड गयी थी
जिस कोने पे
वहा मेरा साया आज भी है.


पार्टनर.
१९\१२\२०१७
०४.०७ pm 

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